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Thursday, 24 August 2017

Hindi poem ना जिद हो,ना जोर हो

ना जिद हो,ना जोर हो

Best Hindi poem

ना जिद हो,ना जोर हो,खुली रहने दो खिडकियाँ,
बस शर्त यह है कि,
हवाएं ना चोर हो ।
गीले बाल उसके कभी इस
और हो कभी उस और हो,
उसका दोष नहीं बारिशों मे
 हि शराब घुली थी
बस तुम संभालती रहो लडखडाते
 बाल और हम देखते रहें,
चलता रहे यह खेल,
ना तुम बोर हो,ना हम बोर हों ।
सोए है सोने दीजिए,ना कोई शोर हो,
इंसान मे इंसानियत ही तो सोई है,
अब तो सूरज की किरणों मे भी मिलावट है,
अंगडाई तक नहीं लेती इंसानियत,
चाहे कितनी भोर हो ।


sad poem शराब को जमाने ने

शराब को जमाने ने

sad poem शराब को जमाने ने

कर दिया शराब को जमाने ने, किसी ने पुछा होता फायदा,
तो दुनिया शराबी होती, कितने बरबाद दिलों को
संभाला है मैखाने ने, किसी ने पुछा होता मैखाने का पता,
तो दुनिया शराबी होती, होश किसे है यहाँ,हर कोई है
किसी तरह के नशे मे, किसी ने पुछा होता है क्या नशा,
तो दुनिया शराबी होती, गलत क्या है,बडा सुकून है
पिने और पिलाने मे, किसी ने पुछा होता इसका मजा,
तो दुनिया शराबी होती ॥

Love poem

एसी दी इश्क की तालिम उसने

Best Love poem

एसी दी इश्क की तालिम उसने,एक पल मे सिखा इश्क,उमरें गुजर गई भुलाने मे, लोग कहते है सोते हो बहुत, हमने आँखें बंद रखी बरसों तक,चंद आँसू छुपाने मे, टूट बिखर कर भी धडकता रहा दिल मेरा, सर कटाने वाले कहाँ यकीन रखते है सर झुकाने मे, सुखी बाती पर मुरझाती लाॉ सा था दिल मेरा, सुस्त हवाएं तुफान बन गई एक दिए को बुझाने मे, एसी दी इश्क की तालिम उसने, एक पल मे सिखा इश्क,उमरें गुजर गई भुलाने मे ।।

Hindi poem


हर दौर के लोग है

Best Hindi poem

हर दौर के लोग है,हर तौर के लोग है,यह जंगल के सन्नाटे कहते हैकितने शोर के लोग है ।
तरह तरह के जिस्म के लोग है,
तरह तरह की किस्म के लोग है,
लडते फिरते एक लहू के,
जात मे घुले लोग है,जात के ही छंटे लोग है,
तरह तरह के जाहिल बेइल्म के लोग है ।
पत्थर के भगवान है,पत्थर के ही बने लोग है,
लोगों की भीड मे,लोगों से ही ठगे लोग है ।
किसपे यकीन कीजिये

शहर मे कितने आईनें है,
हर आईनें के अपने माईनें है,
हर शक्स को गुरुर है अपने अक्स पर,
दिल के अंदर कितने ऐब,किसने गिने है